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निर्जला एकादशी पर सुबह विष्णु सहस्त्रनाम पाठ और राम नाम लेखन

निर्जला एकादशी पर सुबह विष्णु सहस्त्रनाम पाठ और राम नाम लेखन

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से हर एकादशी को होने वाला विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ इस एकादशी 25 जून को भी उत्साह के साथ आनलाइन मोड पर किया। समिति के सदस्यों ने आनलाइन जुड़कर पाठ किया। वहीं दूसरी ओर सियान गुड़ी में बुजुर्गों द्वारा हर एकादशी को राम नाम के लेखन कार्य भी किया गया।

आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि ज्येष्ठ मास शुक्लपक्ष की एकादशी को निर्जला व्रत का महत्व है। शास्त्रोक्त मान्यता है कि निर्जला एकादशी व्रत  करने से सभी पाप मिट जाते हैं. व्यक्ति को जीवन के अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है. यह एक मात्र ऐसा व्रत है, जिसे भीमसेन ने भी किया था, जिसकी वजह से निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहते है।

 

आस्था काले ने बताया कि आज एकादशी पर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ प्रणिता नलगुंडवार ने करवाया। इस दौरान आनलाइन मोड पर अलखनंदा नारद, अंजली नलगुंडवार, अनुजा महाडिक, अनुपमा नलगुंडवार, अर्चना जतकर, अरुण पराडकर, चारुशीला देव, छाया पाठक, दीपांजलि भालेराव, मंजूषा मर्कले, मंजूश्री भंडारी, मेघा कोतवालीवाले, मीना परदेशी, संध्या खंगन, शालिनी जोशी, शुभदा अगस्ती, सोनल फडनविश, सुनीता जोशी और वर्षा करंजगांवकर शामिल हुई।

वहीं दूसरी ओर समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी में बुजुर्गों द्वारा हर एकादशी को होने वाले रामनाम लेखन का कार्य उत्साह के साथ जारी रहा। यहां प्रतिदिन आने वाले लखन लाल साहू, डा. ओपी बिसेन, डा. ओपी सोनी, केके पाठक और हीराधर पटेल ने रामनाम का लेखन कार्य किया।